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शीर्ष 12 ट्रेडर्स

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नई दिल्ली – बहुप्रतीक्षित वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी पहली जुलाई से लागू होने जा रहा है और विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस नई कर व्यवस्था से देश में बड़े पैमाने पर नई नौकरियां पैदा होंगी। माना जा रहा है कि तकरीबन एक लाख नौकरियां तो तुरंत सामने आएंगी, जिनमें टैक्स, अकाउंटिंग और डाटा एनालिसिस के क्षेत्र में योग्यता रखने वाले लोगों की डिमांड होगी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जीएसटी से जॉब सेक्टर में बहार आएगी और ये सेक्टर 10 से 13 प्रतिशत वार्षिक तक की वृद्धि दर्ज करेगा। अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में इससे पेशेवरों की डिमांड में तेजी आएगी। इंडियन स्टाफिंग फेडरेशन की अध्यक्ष रितुपर्णा चक्रवर्ती ने कहा कि जीएसटी वस्तुओं की खरीदारी और वितरण को तेज करेगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी. कैश फ्लो का अनुमान लगाना आसान होगा और प्रॉफिट भी बढ़ेगा। इन सबसे 10 से 13 फीसदी तक नौकरियों में उछाल आएगा। ग्लोबल हंट के एमडी सुनील गोयल ने कहा कि एक अनुमान के मुताबिक ऐसा लगता है कि इससे एक लाख नौकरियां तुरंत पैदा होंगी, जो कि इसके लागू होने के पहली तिमाही में ही देखने को मिल सकती हैं। इसके अलावा जीएसटी की खास गतिविधियों के लिए 50-60 हजार नौकरियां भविष्य में पैदा होंगी। उन्होंने कहा कि मध्यम और लघु कंपनियां इन गतिविधियों को थर्ड पार्टी अकाउंट फर्म को आउस सोर्स करना पसंद करेंगी। मांसटर डॉट कॉम के एशिया पैसेफिक और शीर्ष 12 ट्रेडर्स मिडिल ईस्ट एमडी संजय मोदी ने कहा कि नया टैक्स सिस्टम बिजनेस के माहौल पर सकारात्मक असर डालेगा। इससे विदेशी निवेशक और कंपनियां भी आकर्षित होंगी। इससे सरकार की विभिन्न योजनाओं को लागू करने में मदद मिलेगी और नौकरियों के अवसर बढ़ेंगे।

एक हजार रुपये से कम के जूते-चप्पल पर जीएसटी घटाकर पांच प्रतिशत करने की मांग

नयी दिल्ली, सात अप्रैल (भाषा) व्यापारियों के संगठन कैट और इंडियन फुटवियर एसोसिएशन (आईएफए) ने बृहस्पतिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से 1,000 रुपये से कम कीमत वाले जूता-चप्पल पर वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) घटाकर पांच प्रतिशत करने का आग्रह किया है।

एक जनवरी, 2022 से सभी जूते-चप्पल पर 12 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा, चाहे उनका मूल्य कुछ भी क्यों न हो।

दोनों संगठनों ने कहा कि देश की लगभग 85 प्रतिशत आबादी 1,000 रुपये से कम कीमत के जूते का उपयोग करती है और इसलिए जीएसटी में कोई भी वृद्धि सीधे उपभोक्ताओं को प्रभावित करेगी।

उन्होंने सीतारमण के साथ-साथ सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों को एक प्रतिवेदन भी भेजा है।

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) और आईएफए, दोनों ने वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से केवल 1,000 रुपये से अधिक कीमत वाले जूते पर बीआईएस मानकों को लागू करने का भी आग्रह किया है।

भाषा राजेश राजेश रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

स्मृति ईरानी ने बढ़ाया व्यापारियों का हौसला, कहा- वे कोविड वॉरियर्स से कम नहीं

स्मृति ईरानी ने व्यापारियों को कोविड वारियर्स के समकक्ष बताया.

स्मृति ईरानी ने व्यापारियों को कोविड वारियर्स के समकक्ष बताया.

National Businessman Conference: स्मृति ईरानी ने व्यावसायिक समुदाय को मजबूत करने और व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन के नए और अभिनव तरीकों को अपनाने पर जोर दिया. साथ ही इस दिशा में जागरूकता प्रदान करने के लिए कैट की भूमिका की सराहना की.

  • News18Hindi
  • Last Updated : February 24, 2022, 15:03 IST

दिल्ली. केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) ने बुधवार को राष्ट्रीय व्यापारी सम्मेलन (National Businessman Conference) में शिरकत की. इस मौके पर उन्होंने देश के व्यापारिक समुदाय से वैश्विक चुनौतियों का सामना करने की उम्मीदों पर खरा उतरने की बात कही. इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के डिजिटल इंडिया मिशन (Digital India Mission) के तहत अपने मौजूदा व्यापार मॉडल (Business Model) को उन्नत और आधुनिक बनाने का आह्वान भी किया.

वह देश के शीर्ष 150 ट्रेड लीडर्स (Trade Leaders) को संबोधित कर रही थीं, जो कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) (Confederation of All India Traders) द्वारा नई दिल्ली में आयोजित हुए दो दिवसीय राष्ट्रीय व्यापारी सम्मेलन के लिए एकत्रित हुए थे.

इस दौरान स्मृति ईरानी ने व्यावसायिक समुदाय को मजबूत करने और व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन के नए और अभिनव तरीकों को अपनाने पर जोर दिया. साथ ही इस दिशा में जागरूकता प्रदान करने के लिए कैट की भूमिका की सराहना की. उन्होंने कहा कि देश के शीर्ष 12 ट्रेडर्स व्यापारियों ने हर बार जब भी जरूरत पड़ी है, बलिदान दिया है चाहे वह स्वतंत्रता संग्राम का आंदोलन हो या देश का सामाजिक आर्थिक विकास हो या पिछले दो वर्षो में कोरोना काल.

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स्मृति ईरानी ने व्यावसायिक समुदाय को मजबूत करने और व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन के नए और अभिनव तरीकों को अपनाने पर जोर दिया.

विषम परिस्थिति में देश के साथ खड़े रहे

उनका कहना था भारत के लोगों को दैनिक उपभोग्य वस्तुएं उपलब्ध कराने की जरूरत को हमेशा व्यापारी वर्ग ने पूरा किया है. स्वयं तकलीफ झेलते हुए भी व्यापारियों ने हमेशा देश की उन्नति और प्रगति के लिए प्रयास किया है. वे हर विषम परिस्थिति में देश के साथ खड़े रहे हैं. उन्होंने व्यापारिक नेताओं से उन व्यापारियों का दस्तावेजीकरण करने का आह्वान किया, जिन्होंने आर्थिक, धार्मिक, शैक्षणिक या किसी अन्य क्षेत्र में सामाजिक विभिन्न क्षमताओं में देश की सेवा की है. भारत के व्यापारियों के पास देश की सेवा करने की विरासत है. भामाशाह और लाला लाजपत राय को याद करते हुए उन्होंने शीर्ष 12 ट्रेडर्स कई अन्य लोगों को याद किया. उन्होंने व्यापारियों को कोविड वारियर्स के समकक्ष बताया.

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यूएई का शीर्ष व्यापारिक भागीदार बनाने का लक्ष्य : गोयल

मुंबई केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज उद्योग जगत के शीर्षस्थ लोगों और निर्यात संवर्धन परिषदों के प्रमुखों के साथ एक बैठक की जिसमें उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) द्वारा उपलब्ध कराए गए कारोबारी मंचों और इन्फ्रास्ट्रक्चर का लाभ उठाकर भारतीय उद्यमों के लिए अपने वैश्विक विस्तार करने से जुड़े अवसरों पर चर्चा की.

गोयल ने मुंबई में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता की. यूएई सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाली एक अग्रणी स्मार्ट लॉजिस्टिक प्रदाता डीपी वर्ल्ड ने उसके द्वारा भारतीय उद्यमियों और निर्यातकों को उपलब्ध कराए जाने वाले बाजार विस्तार के अवसर प्रस्तुत किए. कंपनी भारतीय उद्यमों के लिए एक प्रतिबद्ध बाजार इंडिया मार्ट ट्रेडर्स मार्केट स्थापित कर रही है,

जो व्यापारियों और विनिर्माताओं को यूएई के स्थानीय बाजार और क्षेत्रीय बाजार के साथ कारोबार करने में सक्षम बनाएगी.

दुनिया के प्रमुख मुक्त व्यापार क्षेत्रों में से एक दुबई का जेबेल अली फ्री जोन (जफ्जा) द्वारा उपलब्ध संभावनाओं को भी भारतीय उद्योग के सामने पेश किया गया.

डीपी वर्ल्ड और यूएई सरकार द्वारा तत्काल यूएई में उपलब्ध अवसरों पर श्री गोयल ने कहा, हम भारत के लिए इसे 10 अरब डॉलर के अवसर के रूप में देख रहे हैं और इससे भारत को वैश्विक मंच पर ब्रांड इंडिया को प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा.

उद्योग प्रतिनिधियों ने इस पहल का स्वागत किया और इस संभावना के दोहन के लिए अपने विचार व सुझावों की पेशकश की.

श्री गोयल ने कहा कि हमारा लक्ष्य यूएई का नंबर 1 व्यापारिक भागीदार बनना है क्योंकि यूएई गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल और शीर्ष 12 ट्रेडर्स पूरे अफ्रीका का एक गेटवे है. केंद्रीय मंत्री ने भारतीय कारोबारियों के लिए कम लागत वाले वित्त के प्रावधान के रूप में समाधान लाने के लिए डीपी वर्ल्ड के ग्रुप के अध्यक्ष एवं सीईओ सुल्तान अहमद बिन सुलायेम का स्वागत किया.

श्री गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और क्राउन प्रिंस एच. एच. शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान द्वारा विकसित सद्भावना से हमें बड़ी महत्वाकांक्षाएं रखने में मदद मिल रही है.

केंद्रीय मंत्री ने भारतीय निर्यात के लिए न सिर्फ यूएई बल्कि जीसीसी और अफ्रीका व अन्य बाजारों तक विस्तार के लक्ष्य के मद्देनजर यूएई को एक माध्यम के रूप में इस्तेमाल करने का एक रोडमैप तैयार करने के उद्देश्य से विचार विमर्श में भागीदारी करने के लिए निर्यातकों का आभार प्रकट किया.

केंद्रीय मंत्री ने बेहद अनुकूल निष्कर्ष साझा किए, जो भारत-यूएई मुक्त व्यापार समझौता से प्राप्त होने का अनुमान है. यह समझौता बातचीत और अंतिम रूप दिए जाने के अग्रिम चरणों में हैं. उन्होंने कहा, विभिन्न क्षेत्रों के लिए कई अच्छी खबरें आने वाली हैं. हम यूएई के साथ एफटीए पर बातचीत और अंतिम रूप दे रहे हैं.

निर्यातकों और उद्योग को संबोधित करते हुए, डीपी वर्ल्ड के ग्रुप चेयरमैन और सीईओ सुल्तान अहमद बिन सुलायेम ने यूएई बाजार और भारतीय उत्पादों के लिए उपलब्ध अवसरों पर बात की. उन्होंने कहा, जेबेल अली इकोनॉमिक जोन में सैकड़ों वेयरहाउस हैं जो किसी भी तरह के ट्रेडर के लिए उपयुक्त हैं जो बाजार को देखना और महसूस करना चाहते हैं. भारत के लिए वैश्विक बाजार में उपलब्ध अवसरों को भुनाने के लिए यह सही समय है. हर जगह खासी कमी है, जिसे भारत पूरी कर सकता है.

इस अवसर पर प्लास्टिक एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल, इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल इंडिया, जेम एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल, टी बोर्ड इंडिया, द कॉटन टेक्सटाइल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल, स्पाइसेस बोर्ड, रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, अपारेल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल, द क्लोदिंग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया और अन्य संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे. इसके अलावा 100 से ज्यादा कंपनियों के प्रतिनिधियों ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया.

Cryptocurrency निवेश को भारतीयों के लिए ईज़ी और सेफ बना रहा CoinSwitch, ये हैं इसके फायदे

CoinSwitch : लंबे समय से दोस्त रहे आशीष सिंघल, गोविंद सोनी और विमल सागर क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग को उतना ही आसान बनाना चाहते थे, जितना कि ऑनलाइन फूड ऑर्डर करना होता है. इस विज़न के साथ उन्होंने 2017 में CoinSwitch की शुरुआत की.

Cryptocurrency निवेश को भारतीयों के लिए ईज़ी और सेफ बना रहा CoinSwitch, ये हैं इसके फायदे

CoinSwitch भारत में शीर्ष क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है.

बिटकॉइन और ऐसी ही दूसरी क्रिप्टोकरेंसी की बढ़ती पॉपुलैरिटी और इनके बढ़ते बाजार को नजरअंदाज करना मुश्किल होता जा रहा है. क्रिप्टो मार्केट इतनी तेजी से अपनी मौजूदगी जता रहा है. क्रिप्टोकरेंसी निवेश के नए माध्यम का रूप ले चुका है. लेकिन आप इस बारे में क्या कर सकते हैं? आप कैसे निवेश करें? आप कैसे निवेश के लिए एक भरोसेमेंद क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज चुन सकते हैं?

क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज क्या है?

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क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज एक ऐसा प्लेटफॉर्म होता है, जहां क्रिप्टोकरेंसी की ट्रेडिंग होती है. ट्रेडिंग में क्रिप्टो को दूसरे किसी असेट (यानी या तो कोई दूसरा क्रिप्टो कॉइन या टोकन, या फिर फ्लैट करेंसी यानी रुपया, डॉलर वगैरह) की खरीद-बिक्री के लिए इस्तेमाल किया जाता है. क्रिप्टो एक्सचेंज खरीददार और विक्रेता के बीच में इंटरमीडियरी यानी मध्यस्थ की तरह काम करते हैं. इनकी आय के स्रोत कमीशन और ट्रांजैक्शन फीस होती हैं.

एक आदर्श ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म ऐसा होता है, जहां यूजर्स को आसान इंटरफेस और सिक्योरिटी मिले. CoinSwitch ऐसा ही प्लेटफॉर्म है. इस एक्सचेंज पर आप आराम से कभी भी-कहीं भी क्रिप्टोकरेंसी खरीद और बेच सकते हैं.

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CoinSwitch की 2017 में शुरुआत कैसे हुई?

लंबे समय से दोस्त रहे आशीष सिंघल, गोविंद सोनी और विमल सागर क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग को उतना ही आसान बनाना चाहते थे, जितना कि ऑनलाइन फूड ऑर्डर करना होता है. इस विज़न के साथ उन्होंने 2017 में CoinSwitch की शुरुआत की. अपनी शुरुआत के साथ CoinSwitch प्लेटफॉर्म पर 300 डिजिटल टोकन्स और 45,000 करेंसी पेयर्स ऑफर करता था. CoinSwitch की शुरुआत इस लक्ष्य के साथ हुई थी कि भारत क्रिप्टोकरेंसी क्रांति में पीछे न रहे.

आशीष CoinSwitch के को-फाउंडर और और CEO हैं. उन्होंने CRUXPay, Reap Benefit, Urban Tailor, Amazon, Microsoft सहित कई अन्य कंपनियों के साथ काम किया है. वो नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से पढ़ाई कर चुके हैं. उनका विज़न था कि एक पावरफुल लेकिन यूजर-फ्रेंडली क्रिप्टो एक्सचेंज ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म खड़ा किया जाए और इसी विजन से CoinSwitch निकला.

अपने शुरुआती दिनों में CoinSwitch 75 डिजिटल टोकन के साथ एक बढ़िया इंटरफेस ऑफर करता था, जिससे कि ट्रेडिंग आसान और तेज रहे. और अब भी CoinSwitch अपने लाखों एक्टिव यूजर्स को ईजी-टू-एक्सेस और हाईली इमर्सिव यूजर शीर्ष 12 ट्रेडर्स इंटरफेस प्रोवाइड कराता है. CoinSwitch अपने यूजर्स को इंस्टैंट विदड्रॉल का ऑप्शन भी देता था ताकि वो अपना प्रॉफिट तुरंत कैश आउट करा सकें.

भारत में CoinSwitch के ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की शुरुआत

जून 2020 में, CoinSwitch ने अपना इंडियन क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म लॉन्च किया. प्री-लॉन्च पीरियड में ही 100,000 यूजर साइन-अप्स हुए. वहीं, 2,000 करोड़ का निवेश हुआ. अब CoinSwitch पर 10 मिलियन रजिस्टर्ड यूजर्स हैं, जिनका डेली ट्रेडिंग वॉल्यूम 5 बिलियन डॉलर है. ये शानदार आंकड़े हैं और दिखाते हैं कि क्रिप्टो निवेशक इस प्लेटफॉर्म पर कितना भरोसा करते हैं.

एक और बात ये कि CoinSwitch ऐसा पहला क्रिप्टो प्लेटफॉर्म है, जिसका ऐड कैंपेन नेशनल प्लेटफॉर्म पर चला था. इसके बाद क्रिप्टोकरेंसी टर्म घर-घर तक पहुंचा. इससे बहुत लोगों में जिज्ञासा बढ़ी और लोग इससे जुड़े और इसतरह क्रिप्टोकरेंसी क्रांति का हिस्सा बने.

CoinSwitch में ग्लोबल निवेशकों की दिलचस्पी

इस साल CoinSwitch ने Ribbit Capital, Sequoia Capital, और Paradigm से 15 मिलियन डॉलर का फंड बटोरा. वहीं, कंपनी को Tiger Global Management से इस साल अप्रैल में 25 मिलियन डॉलर का निवेश मिला., जोकि यह कंपनी का पहली बार किसी भारतीय क्रिप्टोकरेंसी स्टार्टअप में निवेश है.

ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स के लिए CoinSwitch एक बढ़िया प्लेटफॉर्म क्यों है?

CoinSwitch प्लेटफॉर्म को इसकी सहजता और आसानी इसे दूसरे प्लेटफॉर्म्स से अलग बनाती है. क्रिप्टो में निवेश के लिए लोग ऐसा प्लेटफॉर्म चुनते हैं, जो इस्तेमाल करने में आसान हो. CoinSwitch पर शीर्ष 12 ट्रेडर्स चीजें तेज, आसान और सुरक्षित होती हैं, ऐसे में कोई भी इसपर ट्रेडिंग शुरू कर सकता है. यह बिल्कुल वैसा ही है, जैसा कैब बुक करना या ऑनलाइन खाना ऑर्डर करना.

CoinSwitch एक आसान यूजर इंटरफेस देता है, जिससे कोई भी कुछ क्लिक्स में ही ट्रेंडिंग शुरू कर सकता है. साइन अप से लेकर क्रिप्टो कॉइन चुनने और ट्रेडिंग शुरू करने तक सबकुछ फास्ट और ईज़ी होता है. यहां तक कि प्लेटफॉर्म यूजर्स से कोई फीस नहीं लेता है, जोकि फायदे का सौदा है. CoinSwitch अपने यूजर्स को अपने प्लेटफॉर्म पर मौजूद डिजिटल कॉइन्स पर सबसे बढ़िया रेट देने का वादा करता है. वहीं, ट्रेडर्स को कई रिवॉर्ड्स भी मिलते हैं.

CoinSwitch का एक फीचर इसे बेहतर बनाता है, वो है सेफ और इंस्टेंट विद्रडॉल. क्रिप्टो में निवेश करते वक्त अपना प्रॉफिट शीर्ष 12 ट्रेडर्स अपने बैंक अकाउंट में बाद में भेजने से बेहतर है तुरंत भेजना. CoinSwitch पर यह बस आसान ही नहीं, सिक्योर भी है.

CoinSwitch अपने यूजर्स को बढ़िया अनुभव देने के लिए सुधार करता रहता है और खरीदारी से पहले और बाद में भी सबसे बढ़िया एक्सपीरियंस देने का दावा करता है. इसपर आपको कई इनोवेटिव फीचर्स मिलंगे, वहीं कंपनी अगले कुछ महीनों में और भी पावरफुल फीचर्स लाने वाली है. क्रिप्टो में निवेश करने का सोच रहे भारतीयों के लिए CoinSwitch बेशक एक वन-स्टॉप इन्वेस्टमेंट सॉल्यूशन है. प्लेटफॉर्म की दूसरे निवेश साधनों की ओर जाने की भी मंशा है.

मोबाइल से क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग

भारत में मोबाइल को दूसरे डिवाइसेज़ से ज्यादा तरज़ीह दी जाती है, ऐसे में CoinSwitch ने मोबाइल डिवाइसेज़ के लिए भी अपने ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म को शुरू किया है. ट्रेडर्स की ओर से मांग उठ रही थी कि उनके लिए मोबाइल पर क्रिप्टो ट्रेडिंग का एक्सेस हो. ऐसे में CoinSwitch ने न तो बस एक आदर्श समाधान निकाला, बल्कि सबसे ज्यादा यूज़फुल क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग मोबाइल ऐप बनाकर एक बेंचमार्क भी सेट कर दिया. यह ऐप भारतीय यूजर्स के लिए उपलब्ध है और डेस्कटॉप जैसा क्लास ही फोन पर देता है

अपने इनोवेशन के चलते अबत CoinSwitch 90 लाख से ज्यादा यूजर्स जोड़ चुका है. इसका मार्केट शेयर 60 फीसदी है. कंपनी के अधिकतर यूजर्स युवा हैं और टियर-2, टियर-3 शहरों से आते हैं. इनमें से अधिकतर पहली बार क्रिप्टो में निवेश कर रहे हैं. CoinSwitch अगले कुछ महीनों में कई इनोवेटिव प्रॉडक्ट्स लॉन्च करने की तैयारी में है.

इंतजार नहीं, साइन अप करिए, आज ही

इसमें कोई शक नहीं है कि CoinSwitch भारत का शीर्ष 12 ट्रेडर्स शीर्ष क्रिप्टो एक्सचेंज प्लेटफॉर्म है और रहेगा. कंपनी इस उभरते असेट के बाजार में और भी इनोवेशन करने को उत्सुक है और इसके साथ लाखों भारतीय जुड़ हैं. क्रिप्टोकरेंसी मार्केट से जुड़ने का यह एक रोमांचक वक्त है और अगर आप अभी तक इस दुनिया से नहीं जुड़े हैं, तो आज ही CoinSwitch के साथ अपना अकाउंट खोलिए और शुरू हो जाइए!

एक लाख से ज्यादा आएंगी नई नौकरियां

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नई दिल्ली – बहुप्रतीक्षित वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी पहली जुलाई से लागू होने जा रहा है और विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस नई कर व्यवस्था से देश में बड़े पैमाने पर नई नौकरियां पैदा होंगी। माना जा रहा है कि तकरीबन एक लाख नौकरियां तो तुरंत सामने आएंगी, जिनमें टैक्स, अकाउंटिंग और डाटा एनालिसिस के क्षेत्र में योग्यता रखने वाले लोगों की डिमांड होगी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जीएसटी से जॉब सेक्टर में बहार आएगी और ये सेक्टर 10 से 13 प्रतिशत वार्षिक तक की वृद्धि दर्ज करेगा। अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में इससे पेशेवरों की डिमांड में तेजी आएगी। इंडियन स्टाफिंग फेडरेशन की अध्यक्ष रितुपर्णा चक्रवर्ती ने कहा कि जीएसटी वस्तुओं की खरीदारी और वितरण को तेज करेगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी. कैश फ्लो का शीर्ष 12 ट्रेडर्स अनुमान लगाना आसान होगा और प्रॉफिट भी बढ़ेगा। इन सबसे 10 से 13 फीसदी तक नौकरियों में उछाल आएगा। ग्लोबल हंट के एमडी सुनील गोयल ने कहा कि एक अनुमान के मुताबिक ऐसा लगता है कि इससे एक लाख नौकरियां तुरंत पैदा होंगी, जो कि इसके लागू होने के पहली तिमाही में ही देखने को मिल सकती हैं। इसके अलावा जीएसटी की खास गतिविधियों के लिए 50-60 हजार नौकरियां भविष्य में पैदा होंगी। उन्होंने कहा कि मध्यम और लघु कंपनियां इन गतिविधियों को थर्ड पार्टी अकाउंट फर्म को आउस सोर्स करना पसंद करेंगी। मांसटर डॉट कॉम के एशिया पैसेफिक और मिडिल ईस्ट एमडी संजय मोदी ने कहा कि नया टैक्स सिस्टम बिजनेस के माहौल पर सकारात्मक असर डालेगा। इससे विदेशी निवेशक और कंपनियां भी आकर्षित होंगी। इससे सरकार की विभिन्न योजनाओं को लागू करने में मदद मिलेगी और नौकरियों के अवसर बढ़ेंगे।

सरकार दे ध्यान, वरना टेक्नोलॉजी करेगी तंग

नई दिल्ली – देश में पहली जुलाई से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लागू करने की तैयारियों के बीच खुदरा कारोबारियों के शीर्ष संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने बड़ी संख्या में व्यापारियों को कर पालना करने में बड़ी चुनौती आएंगी। उसने कहा कि जीएसटी एक टेक्नोलॉजी आधारित कर प्रणाली है, जिसकी पालना केवल कम्प्यूटर टेक्नोलॉजी के माध्यम से ही हो पाएगी, लेकिन यह भी सत्य है की देश में लगभग 60 प्रतिशत व्यापारियों के पास कम्प्यूटर नहीं है और ऐसे व्यापारी जीएसटी का पालन चाह कर भी नहीं कर सकेंगे। अब जबकि जीएसटी लागू होने में केवल पोच दिन ही रह गए हैं ऐसे में यह निश्चित रूप से एक बड़ा और शीर्ष 12 ट्रेडर्स गंभीर सवाल है। कैट ने इस मुद्दे पर सरकार का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा है कि जब तक व्यापारी टेक्नोलॉजी को पूर्ण रूप से अपनाएं, तब तक जीएसटी की पालना हेतु समानांतर डिजिटल टेक्नोलॉजी की व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे व्यापारी कर पालना सुविधापूर्वक कर सकें। कैट ने सुझाव दिया है कि सरकार मार्केट में डिजिटल क्योसक लगाए। उसने व्यापारी संगठनों से भी अपने क्षेत्र में ऐसे व्यापारियों की पहचान करने की अपील की है, जिनके पास डिजिटल टेक्नोलॉजी नहीं है और ऐसे 30 व्यापारियों का एक समूह बनाकर उन्हें एक कम्प्यूटर युक्त अकाउंटेंट से जोड़ने के लिए कहा है।

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