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Intraday Trading में नुकसान से बचने के लिए क्या करे

Intraday Trading में नुकसान से बचने के लिए क्या करे
Compounding in Mutual Funds: फाइनेंशियल एडवाइजर हमेशा म्यूाचुअल फंड में लंबी अवधि के लिए पैसे लगाने की सलाह देते हैं.

शेयर बाजार में नुकसान से बचने के 10 तरीके

क्यों 1500 अंक क्रैश हुआ शेयर मार्केट, ट्रेडिंग में भारी नुकसान से बचने के लिए ये हैं 5 जरूरी बातें

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साप्तहिक कारोबार के पहले दिन ही आज एक बार फिर शेयर मार्केट क्रैश कर गया, एक समय यह 1500 अंक तक गिर गया था। फिलहाल बीएसई करीब 2% या 1200 अंक नीचे कारोबार कर रहा है। यूक्रेन को लेकर रूस और पश्चिम के बीच बढ़ते तनाव से वैश्विक स्तर पर निवेशक परेशान हैं, इस दबाव के बीच भारतीय शेयर बाजारों में भी गिरावट आ रही है। सेंसेक्स 1500 अंक से अधिक गिर गया जबकि निफ्टी 17,000 से नीचे आ गया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, यूक्रेन पर तनाव से वैश्विक वित्तीय बाजार दबाव में हैं और इससे निवेश के लिए सुरक्षित एसेट की मांग बढ़ गई। एमसीएक्स पर आज सोना करीब तीन महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। सोमवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया आज अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 20 पैसे गिरकर 75.56 पर आ गया।

शेयर बाजार में नुकसान से बचने के 10 तरीके

शेयर बाजार में नुकसान से बचने के 10 तरीके


लाभ और हानि शेयर बाजार के दो पहलू हैं शेयर बाजार में किसी को फायदा तो किसी को नुकसान होना तय है समय-समय पर निवेशकों को नुकसान भी उठाना पड़ता है किंतु यदि शेयर मार्केट में कुछ सावधानियां बरती जाएं तो होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है.

शेयर मार्केट में नुकसान से बचने के लिए टिप्स और तौर तरीके इंटरनेट पर आसानी से मिल जाएंगे यदि आपको शेयर बाजार में अनुभव और जानकारी नहीं है तो यह तौर तरीके और टिप्स किसी काम के नहीं हैं .

यदि आपको शेयर बाजार में होने वाले नुकसान से बचना है तो आपको शेयर मार्केट के बारे में जानकारी रखनी होगी बाजार के लिए आपको समय देना होगा

Credit Score जरूर चेक करना चाहिए, गलत रिकॉर्ड भी हो सकता है आपका स्कोर, नुकसान से बचने के लिए क्या करें?

Credit Score: सबसे पहले सिबिल स्‍कोर प्रभावित होने के कारण का पता लगाइए. इसके लिए आपको सिबिल Intraday Trading में नुकसान से बचने के लिए क्या करे रिपोर्ट मंगवानी चाहिए. सिबिल रिपोर्ट के लिए आपको उसकी वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा.

Credit Score: पिछली कुछ गड़बडियों के कारण आपका सिबिल स्‍कोर प्रभावित हुआ है तो इसे सुधारने की दिशा में आपको गंभीरता से सोचना चाहिए. सिबिल स्‍कोर नहीं सुधरता है तो भविष्‍य में आपको कर्ज लेने में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. अब सवाल उठता है कि बिगड़े सिबिल स्‍कोर (Cibil Score) को सुधारने के क्‍या तरीके हैं और इसे कैसे दुरुस्‍त करवाया जा सकता है. आइए, आज उन्‍हीं उपायों की चर्चा करते हैं जिनकी मदद से आप अपने सिबिल स्‍कोर को सुधार सकते हैं.

सिबिल रिपोर्ट मंगाए

सबसे पहले सिबिल स्‍कोर प्रभावित होने के कारण का पता लगाइए. इसके लिए आपको सिबिल रिपोर्ट मंगवानी चाहिए. सिबिल रिपोर्ट के लिए आपको उसकी वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा. साथ ही भुगतान करना होगा. एक बार की ऑथेंटिकेशन प्रक्रिया के सफल होने के बाद आप सिबिल स्‍कोर (Cibil Score) और रिपोर्ट डाउनलोड कर सकते हैं. इसे आपके ई-मेल पर भी भेजा जाता है.

आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में आपके खाते जैसे बैंक खाता, लोन और क्रेडिट कार्ड की पूरी जानकारी होती है. अगर सिबिल स्‍कोर में आपकी पहचान और खातों से जुड़ी जानकारियां सही हैं तो ‘डीपीडी’ यानि क्रेडिट कार्ड (Credit Card) के बिल या किसी लोन के भुगतान में कितने दिनों का विलंब हुआ है इस पर गौर करें. डीपीडी बताता है कि किसी खास महीने में आपने क्रेडिट कार्ड के बकाए या लोन की ईएमआई के भुगतान में कितने दिनों की देरी की है. अगर Intraday Trading में नुकसान से बचने के लिए क्या करे यह ‘000’ से अधिक है तो आपका सिबिल स्‍कोर प्रभावित होता है. इसके अलावा ‘रिटेन-ऑफ’ या ‘सेटल्‍ड‘ के नीचे लिखी जानकारी यह बताती है कि आपने बीते दिनों कहां-कहां डिफॉल्‍ट किया है और सिबिल स्‍कोर के घटने की प्राथमिक वजह भी यही होती है.

सिबिल स्‍कोर अगर गलत है तो क्‍या करें?

बैंक आपके लोन अकाउंट या क्रेडिट कार्ड (Credit Card) से जुड़ी जानकारियां सिबिल को भेजते हैं और कभी-कभार रिपोर्टिंग की प्रक्रिया में गलतियां भी होती हैं. बैंकों की इन गलतियों के कारण भी आपका क्रेडिट स्‍कोर घट जाता है. सिबिल स्‍कोर में कभी-कभार ऐसा देखने में आता है कि जो लोन आपने चुका दिया है वह भी बकाया प्रदर्शित होता है या फिर अपर्याप्‍त अकाउंट बैलेंस दिखाता है.

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डिस्प्यूट फॉर्म भरें

ऐसे मामलों में आप सिबिल की वेबसाइट पर डिस्‍प्‍यूट रिक्‍वेस्‍ट फॉर्म भरकर अपना पक्ष रख सकते हैं. सिबिल का डिस्‍प्‍यूट रिजॉल्‍यूशन सेल इस पर विचार करेगा और किसी विशेष लोन अकाउंट के मामले में संबंधित कर्जदाता से संपर्क करेगा. सिबिल स्‍कोर में हुई गलती को ठीक करने में लगभग 30 दिन लगते हैं.

Mutual Funds में आपको हो रहा है घाटा? करें ये उपाय, निगेटिव कम्पाउंडिंग से मिलेगी सुरक्षा

Mutual Funds में आपको हो रहा है घाटा? करें ये उपाय, निगेटिव कम्पाउंडिंग से मिलेगी सुरक्षा

Compounding in Mutual Funds: फाइनेंशियल एडवाइजर हमेशा म्यूाचुअल फंड में लंबी अवधि के लिए पैसे लगाने की सलाह देते हैं.

Mutual Fund Compounding: अगर आप सीधे इक्विटी में पैसा नहीं लगाना चाहते हैं और कोई सुरक्षित तरीका खोज रहे हैं तो म्‍यूचुअल फंड बेहतर विकल्‍प है. म्‍यूचुअल फंड में किसी एक स्‍टॉक में पैसा लगाने की बजाए फंड मैनेजर अलग अलग शेयरों में पैसा इन्‍वेस्‍ट करते हैं. इससे आपको अपने निवेश पर डाइवर्सिफिकेशन का Intraday Trading में नुकसान से बचने के लिए क्या करे Intraday Trading में नुकसान से बचने के लिए क्या करे फायदा मिलता है. फाइनेंशियल एडवाइजर हमेशा म्‍यूचुअल फंड में लंबी अवधि के लिए पैसे लगाने की सलाह देते हैं, जिससे कंपांडडिंग का फायदा मिलता है. हालांकि कभी कभी जब बाजार में मंदी का दौरा होता है तो आपकी कंपाउंडिंग निगेटिव भी हो सकती है. अगर ऐसा है तो आपको क्‍या करना चाहिए.

कई बार नुकसान शॉर्ट टर्म के लिए

BPN फिन‍कैप के डायरेक्‍टर एके निगम का कहना है कि निगेटिव कंपाउंडिंग का यह मतलब नहीं है कि तुरंत अपने निवेश से हट जाएं. बल्कि यह आपको अपने पोर्टफोलियो का रिव्‍यू करने का मौका होता है. कई बार म्‍यूचुअल फंड में नुकसान शॉर्ट टर्म के लिए होता है, यह बाजार की वोलेटिलिटी से रिलेटेड है. हालांकि अगर आपको लगातार अपने फंड पर नुकसान हो रहा है तो यहां सतर्क हो जाने की जरूरत है.

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बेंचमार्क से तुलना करें

एके निगम का कहना है कि सबसे पहले यह चेक करें कि म्‍यूचुअल फंड में निगेटिव रिटर्न कितने महीनों या साल से चल रहा है. अगर यह कुछ महीनों या 1 साल या 2 साल से है तो बहुत ज्‍यादा दिक्‍कत नहीं है. लेकिन Intraday Trading में नुकसान से बचने के लिए क्या करे अगर 2 साल से ज्‍यादा समय से ऐसा हो रहा है तो इसकर रिव्‍यू करें.

सबसे पहले फंड जिस बेंचमार्क से जुड़ा है, उसका रिटर्न देखें. अगर आपका फंड बेंचमार्क से कम कमजोर हुआ है तो उसमें बने रह सकते हैं. लेकिन अगर आपके फंड में ज्‍यादा गिरावट है तो किसी फाइनेंशियल एडवाइजर से उसके बारे में सलाह लें. बेंचमार्क से बेहतर रिटर्न आने की स्थिति में आप एंड ऑन भी कर सकते हैं.

दांतों में इन्फेक्शन क्यों होता है? जानें इससे कैसे करें बचाव

Prins Bahadur Singh

Written by: Prins Bahadur Singh Updated at: Nov 09, 2022 04:07 IST

दांतों में इन्फेक्शन क्यों होता है? जानें इससे कैसे करें बचाव

Tooth Infection Causes: दांत और ओरल हेल्थ का सही ढंग से ध्यान न रखने के कारण आप कई गंभीर बीमारियों का शिकार हो सकते हैं। मुंह के माध्यम से आपके Intraday Trading में नुकसान से बचने के लिए क्या करे शरीर में कई तरह के बैक्टीरिया पहुंचते हैं, जो सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए मुंह और दांतों की सही ढंग से साफ-सफाई करना जरूरी माना जाता है। दांत में इन्फेक्शन या संक्रमण भी सही ढंग से साफ-सफाई न करने के कारण होता है। इस समस्या में आपको कई गंभीर परेशानियां हो सकती हैं। हाल ही में हुए एक शोध के मुताबिक अगर आप लंबे समय से दांतों के इन्फेक्शन से परेशान हैं, तो इसकी वजह से आपको हार्ट अटैक या दिल का दौरा भी पड़ सकता है। फिनलैंड स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ हेलसिंकी में हुए इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने यह बात कही है। आइए इस लेख Intraday Trading में नुकसान से बचने के लिए क्या करे में विस्तार से जानते हैं दांतों में इन्फेक्शन क्यों होता है और इस समस्या से बचने के लिए क्या करें?

दांतों में इन्फेक्शन क्यों होता है?- Tooth Infection Causes in Hindi

मुंह में भोजन, पानी, लार और अन्य चीजों के जरिए कई ऐसे बैक्टीरिया चले जाते हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदायक माने जाते हैं। इन खतरनाक बैक्टीरिया की वजह से आपको ओरल हेल्थ से जुड़ी कई परेशानियां हो सकती हैं और इसके अलावा शरीर के आंतरिक अंगों को भी नुकसान पहुंचता है। दांतों में इन्फेक्शन भी ज्यादातर मामलों में Intraday Trading में नुकसान से बचने के लिए क्या करे Intraday Trading में नुकसान से बचने के लिए क्या करे इन्हीं बैक्टीरिया के कारण होता है। अलग-अलग लोगों में दांतों का इन्फेक्शन अलग-अलग कारणों से होता है और इसका सही समय पर इलाज न होने से समस्या और बढ़ जाती है।

 Tooth Infection Causes

दांतों में इन्फेक्शन के कुछ प्रमुख कारण इस तरह से हैं-

  • दांतों की उचित साफ-सफाई न होना
  • मिठाई, सोडा आदि का अधिक सेवन
  • मुहं सूखा रहना
  • दांतों का पुराना दर्द
  • दांतों के हिलने की समस्या
  • बैक्टीरियल इन्फेक्शन
  • दांत से जुड़ी बीमारी

दांतों में संक्रमण के लक्षण- Tooth Infection Symptoms in Hindi

दांतों में संक्रमण होने पर आपके दांतों में दर्द, सड़न, कैविटी और Intraday Trading में नुकसान से बचने के लिए क्या करे खाने-पीने में दिक्कत हो सकती है। इसके अलावा आपको दांतों में संक्रमण की वजह से पूरे ओरल हेल्थ पर नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं। दांतों में संक्रमण होने पर दिखने वाले कुछ प्रमुख लक्षण इस तरह से Intraday Trading में नुकसान से बचने के लिए क्या करे हैं-

  • दांतों में सड़न
  • दांत में दर्द
  • दांतों से पानी आना
  • दांतों में काली पपड़ी बनना
  • मसूड़ों में सूजन आना
  • लगातार सिर दर्द होना,
  • जबड़े में दर्द
  • मुंह में सूजन
  • मुंह का स्वाद खराब होना

दांतों के संक्रमण से कैसे बचें?- Tooth Infection Prevention in Hindi

दांतों की जड़ों में संक्रमण को एपिकल पीरियडोंटाइटिस की बीमारी भी कहते हैं। इस समस्या में लक्षण दिखते ही सबसे पहले डॉक्टर को दिखाना चाहिए। सही समय पर डॉक्टर की सलाह लेकर इलाज कराने से आप गंभीर नुकसान से बच सकते हैं। सही समय पर इलाज न लेने से यह समस्या बढ़ जाती है और इससे आपके दांतों को गंभीर नुकसान होता है। ज्यादा समय तक दांतों में संक्रमण बने रहने के कारण आपके दांत टूटकर गिर भी सकते हैं। दांत में संक्रमण गंभीर होने पर यह दिमाग तक भी पहुंच सकता है। दांतों को संक्रमण या इन्फेक्शन से बचाने के लिए आपको साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सुबह और शाम ब्रश करने और मुंह की सही ढंग से साफ-सफाई करने से आपको इस समस्या का खतरा नहीं रहता है।

इसके अलावा दांतों के संक्रमण की समस्या में खानपान भी हेल्दी होना चाहिए। ऐसे फूड्स जो मसूड़ों और दांत के लिए हेल्दी Intraday Trading में नुकसान से बचने के लिए क्या करे होते हैं, उन्हें अपनी डाइट में जरूर शामिल करें। इसके अलावा फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से दांतों को साफ करें। दिन में दो से तीन बार ब्रश करें और भोजन करने के बाद गुनगुने पानी से कुल्ला जरूर करें। इसके अलावा ओरल हेल्थ से जुड़ी समस्याओं से बचने के लिए एंटीसेप्टिक या फ्लोरिनेटेड माउथवॉश का इस्तेमाल करें।

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