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आगे का निवेश

आगे का निवेश
वेदांता ने सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट पर 2-3 साल में 1,540 अरब रुपये, अदाणी ग्रीन ने रिन्यूएबल एनर्जी पर 10 साल में 1,500 अरब रुपये, ओएनजीसी, बीपीसीएल, एचपीसीएल, आयल इंडिया और गेल ने एक साल में तेल और गैस पर 1,100 अरब रुपये के निवेश की घोषणा की है। इनके अलावा आर्सलर मित्तल, हिंडालको, एनटीपीसी, अमेजन वेब सर्विसेस ने भी विभिन्न क्षेत्रों में 8 सालों में 2,400 अरब रुपये के निवेश की घोषणा की है।

पीएम मोदी ने बाइडन सहित विश्व के नेताओं को कहा धन्यवाद।

G-20 की बैठक में विदेशी निवेश लाने पर होगा जोर, चीन से भी आगे निकलेगा भारत; यह है पीएम मोदी का मास्टर प्लान

जी-20 की बैठक में पीएम मोदी के भाषण में भारत में एफडीआइ लाने पर जोर होगा। पहली बार इस साल 100 अरब डॉलर से ज्यादा का एफडीआइ आने की संभावना है। बैठक में भारत को आकर्षक निवेश स्थल के तौर पर पेश करने पर जोर दिया जाएगा।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। आगे का निवेश अगले हफ्ते दुनिया में आर्थिक दृष्टिकोण से सबसे सक्षम 19 देशों के मुखियाओं के समक्ष प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत को सबसे आकर्षक निवेश स्थल के तौर पर पेश करेंगे। बाली में 15-16 नवंबर को आर्थिक तौर पर 20 शीर्ष संपन्न देशों के मुखियाओं की बैठक में पीएम मोदी इस खास एजेंडे के साथ हिस्सा लेंगे।

जी-20 से आर्थिक फायदा लेना चाहता है भारत

दरअसल, यह एजेंडा सिर्फ बाली बैठक का ही नहीं होगा, बल्कि अगले वर्ष जी-20 संगठन का अगुवाई कर रहे भारत की मंशा है कि इस आयोजन का पूरा फायदा आर्थिक तौर पर उठाने की कोशिश हो। ऐसे में इस जी-20 के तत्वाधान में जितनी बैठकें भारत में होंगी, उसमें से अधिकांश में भारत को एक आकर्षक व बेहद संभावनाओं वाले निवेश स्थल के तौर पर मार्केटिंग की जाए।

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भारत को अपनी क्षमता दिखाने का मिला है बेहतरीन मौका

भारत की इस रणनीति के बारे में अधिकारियों ने बताया है कि हाल के समय में जब विश्व बैंक व अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष जैसी एजेंसियां मान रही हैं कि वर्ष 2023 में भारत की आर्थिक विकास दर पहली बार चीन की विकास दर से काफी ज्यादा रहेंगी तो आगे का निवेश हमें आर्थिक तौर पर संपन्न देशों के बीच अपनी क्षमता दिखाने का आगे का निवेश आगे का निवेश इससे बेहतर मौका नहीं मिलेगा।

जी-20 सम्मेलन का कार्यक्रम तय करने के लिए होगी सर्वदलीय बैठक

चालू वित्त वर्ष में रिकॉर्ड 21 लाख करोड़ रुपये का हुआ निवेश, यूपी सबसे आगे

मुंबई- चालू वित्त वर्ष में आगे का निवेश सितंबर तक कुल 21 लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। इसमें से सरकार का हिस्सा 12.3 लाख करोड़ रहा है। जिसमें 7 लाख करोड़ केंद्र का और 5.2 लाख करोड़ राज्य सरकारों का है। निजी कंपनियों का 7 लाख करोड़ रुपये निवेश रहा है। एक साल पहले यह 6.4 लाख करोड़ रुपये था।

सरकार और निजी कंपनियां दोनों का यह निवेश अब तक का सार्वकालिक स्तर का है। ऐसी उम्मीद है कि पूरे साल के दौरान सरकार का निवेश 14 लाख करोड़ को पार कर सकता है जो बजट अनुमान से ज्यादा रहेगा। केंद्र के खर्च में एक लाख करोड़ रुपये वह भी शामिल है, जो उसने राज्यों को उधारी दिया है।

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज की एक रिपोर्ट के अनुसार, ज्यादातर निवेश एनर्जी, पावर, खनन, इन्फ्रा, निर्माण सामग्री, रियल एस्टेट, डिजिटल इन्फ्रा, उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाओं (पीएलआई) पर हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2013 में कुल निवेश 8.9 लाख करोड़ रुपये था जो 2022 में 21 लाख करोड़ को पार कर गया। रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले समय में निवेश में और तेजी आएगी।

FDI पर भारी पड़े NRI. विदेशों से पैसे भेजने में भारतीय आगे, सबसे ज्यादा अमेरिका से आई रकम

NRI जमकर भेज रहे हैं पैसे (Photo: File)

    आगे का निवेश
  • नई दिल्ली,
  • 03 दिसंबर 2022,
  • (अपडेटेड 03 दिसंबर 2022, 7:21 AM IST)

विदेशों में कमाई कर रहे भारतीयों ने इस साल रुपये भेजने के मामले में नया रिकॉर्ड कायम किया है. वर्ल्ड बैंक (World Bank) की माइग्रेशन और डेवलपमेंट ब्रीफ के आंकड़ों के अनुसार इस साल देश में विदेशों से आने वाली रकम में 12 फीसदी तक का इजाफा हुआ है. इससे अनुमान है कि साल खत्म होने तक भारतीय अपने देश में करीब 100 अरब डॉलर यानी 8 लाख करोड़ रुपये भेजे चुके होंगे.

ये रकम कितनी बड़ी है इसको समझने के लिए शेयर बाजार में आने वाली एफडीआई से तुलना करने पर पता चलता है कि भारतीयों ने अपने देश में शेयर बाजार में आने वाली FDI के मुकाबले 25 फीसदी ज्यादा रकम भेज चुके होंगे. रुपये के मुकाबले डॉलर की कीमत बढ़ने आगे का निवेश से भी इस साल विदेशों से भेजी जाने वाली रकम में बढ़ोतरी हुई है. विदेशों में रहने वाले भारतीयों द्वारा वापस अपने देश को भेजे जाने वाली रकम में बीते कई साल से लगातार इजाफा हो रहा है. अनुमान है कि आने वाले बरसों में इसमें और बढ़ोतरी हो सकती है.

छोटी अवधि में सुरक्षित निवेश के साथ जबरदस्त रिटर्न के मामले में सबसे आगे हैं टी-बिल, कैसे करें इनमें निवेश?

टी-बिल में कम से कम आपको 25,000 रुपये लगाने होते हैं. (फोटो- न्यूज18)

  • News18 हिंदी
  • Last Updated : November 29, 2022, 08:आगे का निवेश 25 IST

हाइलाइट्स

टी-बिल तीन तरह के होते हैं. 91 दिन, 182 दिन और 364 दिन के टी-बिल.
सरकार को दिए कर्ज को आरबीआई बॉन्ड और बिल के रूप में नीलाम करता है.
सरकार और आरबीआई के हस्तक्षेप के कारण ये बेहद सुरक्षित निवेश विकल्प हैं.

नई दिल्‍ली. अगर आप शॉर्ट टर्म में ज्‍यादा रिटर्न पाना चाहते हैं तो ट्रेजरी बिल आपके लिए फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट से बेहतर विकल्प हो सकते हैं. एफडी पर 1-2 साल के टर्म में जहां आपको 6.1 फीसदी ब्‍याज मिलता है वहीं 364 दिन के ट्रेजरी बिल की यील्ड 6.94 फीसदी है. बता दें कि अब इसमें खुदरा निवेशक भी पैसा लगा सकते हैं. पहले टी-बिल में केवल बैंक या बड़े वित्तीय संस्थान ही निवेश कर सकते थे.

जब सरकार किसी जरूरत के आगे का निवेश समय आरबीआई से कर्ज लेती है तो केंद्रीय बैंक इस कर्ज को बॉन्ड या ट्रेजरी बिल के रूप में नीलाम करता है. इसे आप खरीदते हैं और सरकार को कर्ज देते हैं. जिस तरह से कर्ज लेने के लिए आपको बैंक को ब्याज देना पड़ता है उसी तरह कर्ज देने के लिए यील्ड के रूप में आपको ब्याज मिलता है. सरकार 1 साल के अंदर जितना कर्ज वापस करती आगे का निवेश है उसे ट्रेजरी बिल कहा जाता है.

खास बातें

  • थाईलैंड और इंडोनेशिया आगे का निवेश में सबसे ज्यादा क्रिप्टो होल्डर्स
  • एनएफटी होल्डिंग को दर्शाने वाले चार्ट में भारत का है 7 प्रतिशत हिस्सा
  • सिंगापुर 6 प्रतिशत, जापान 3 आगे का निवेश प्रतिशत और वियतनाम की 4 प्रतिशत होल्डिंग

भारत ने एशिया के सिंगापुर और जापान को क्रिप्टो निवेश के मामले में पीछे छोड़ दिया है. क्रिप्टोकरेंसी की पॉपुलरिटी दुनिया के साथ-साथ एशिया में भी बढ़ती जा रही है. डिजिटल करेंसी का ये सेक्टर एशिया के देशों में तेजी से ग्रोथ कर रहा है. भारत, वियतनाम, चीन, इंडोनेशिया, जापान, मलेशिया, सिंगापुर और थाईलैंड जैसे देशों में क्रिप्टो होल्डिंग्स पिछले कुछ सालों में कई गुना बढ़ी हैं. एक ताजा रिपोर्ट में सामने आया है कि एशिया में लोग क्रिप्टो इनवेस्टमेंट में ज्यादा पैसा लगा रहे हैं. Accenture ने इसके लिए एशिया में 3200 लोगों को लेकर एक सर्वे किया. रिपोर्ट में सामने आया कि जो लोग 10 लाख डॉलर (लगभग 7 करोड़ रुपये) तक पैसा रखते हैं, वे अपने इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो को आगे बढ़ाने के लिए वर्चुअल एसेट्स में निवेश कर रहे हैं.

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