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कच्चे तेल बाजार की महत्वपूर्ण विशेषताएं

कच्चे तेल बाजार की महत्वपूर्ण विशेषताएं
डाल्टन कैपिटल इंडिया के निदेशक यूआर भट ने कहा, 'यदि शुल्क में कटौती होती है और तेल कीमतों में अन्य 10-15 प्रतिशत तक की कच्चे तेल बाजार की महत्वपूर्ण विशेषताएं तेजी आती है तो पूरी वित्तीय गणना चुनौतीपूर्ण होगी।' भट ने कहा कि सरकार को राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए अन्य विकल्प पर विचार करना होगा।

रूस से तेल खरीद जारी रखेगा भारत

चीन के बाद भारत इस समय रूस के कच्चे कच्चे तेल बाजार की महत्वपूर्ण विशेषताएं तेल का सबसे बड़ा खरीदार बनकर उभरा है। रूस द्वारा यूक्रेन पर 24 फरवरी को हमला करने के बाद पश्चिमी देशों के खरीदारों ने रूस के कच्चे तेल की खरीद प्रतिबंधित कर दी, उसके बाद रिफाइनर छूट पर तेल की बिक्री कर रहे हैं। भारत सस्ती खरीद का लाभ उठा रहा है।

कच्चे तेल की खरीद के मामले में भारत विश्व का तीसरा बड़ा खरीदार है। रूस और भारत के परंपरागत रिश्ते हैं। रूस ने यूक्रेन में किए गए हस्तक्षेप को ‘यूक्रेन में विशेष सैन्य कार्रवाई’ नाम दिया है, जिसका भारत ने कड़ाई से विरोध नहीं किया है। मंगलवार को रूस के विदेश मंत्री सेरगेई लावरोव और जयशंकर की पांचवीं बैठक हुुई थी।

जयशंकर ने कहा कि यह हमारी मूल बाध्यता है कि खरीदारों को तेल व गैस के अंतरराष्ट्रीय बाजार की सबसे लाभदायक और बेहतर पहुंच मुहैया कराई जाए। उन्होंने कहा, ‘हमने देखा है कि भारत और रूस के संबंध लाभदायक तरीके से काम करते हैं। अगर हमारे फायदे में काम होता है तो मैं उसे जारी रखूंगा।’

कच्चे तेल के दाम: अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें 100 डॉलर से नीचे, चीन में लॉकडाउन से मांग घटी

Published: April 12, 2022 9:13 AM IST

CRUDE OIL

Crude Oil Price: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों (Crude oil price) में सोमवार को 4 डॉलर प्रति बैरल की गिरावट दर्ज की गई. जिसमें ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर से नीचे चला कच्चे तेल बाजार की महत्वपूर्ण विशेषताएं गया. कच्चे तेल और क्रूड ऑयल के उत्पादों की रिकॉर्ड मात्रा जारी होने और चीन में लगातार कोरोनावायरस के कारण लगे लॉकडाउन से कीमतों में गिरावट कच्चे तेल बाजार की महत्वपूर्ण विशेषताएं दर्ज की गई है.

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जून डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड 3.93 डॉलर या 3.8 फीसदी की गिरावट के साथ 98.85 डॉलर प्रति बैरल पर था. यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 4.19 डॉलर, या 4.3 प्रतिशत कच्चे तेल बाजार की महत्वपूर्ण विशेषताएं की गिरावट के साथ 94.07 डॉलर पर आ गया.

बैंक ऑफ अमेरिका ने 2022-23 के लिए ब्रेंट क्रूड के औसत 102 डॉलर प्रति बैरल कच्चे तेल बाजार की महत्वपूर्ण विशेषताएं के अपने पूर्वानुमान को बनाए रखा, लेकिन इसने अपनी गर्मियों की स्पाइक कीमत को घटाकर 120 डॉलर कर दिया. स्विस निवेश बैंक यूबीएस ने भी अपने जून ब्रेंट पूर्वानुमान को 10 डॉलर घटाकर 115 प्रति बैरल कर दिया

अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के सदस्य राष्ट्र अगले छह महीनों में 60 मिलियन बैरल जारी करेंगे, संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ मार्च में घोषित 180 मिलियन बैरल रिलीज के हिस्से के रूप में.

इस कदम का उद्देश्य रूसी कच्चे तेल में कमी की भरपाई करना है, जब मास्को को यूक्रेन पर अपने आक्रमण पर कच्चे तेल बाजार की महत्वपूर्ण विशेषताएं भारी प्रतिबंधों के साथ मारा गया था, जिसे मॉस्को “विशेष सैन्य अभियान” के रूप में वर्णित करता है.

चढ़ते कच्चे तेल से बाजार की चिंता बढ़ी

यदि सूचकांक में बड़े भारांक वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) के शेयर में गुरुवार को 4 प्रतिशत की तेजी नहीं आती तो भारतीय बाजार आज लगातार तीसरे दिन भी गिरावट के शिकार होते। विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी फेडरल के चेयरमैन जेरोम पॉवेल के बयानों से भी इस धारणा को कच्चे तेल बाजार की महत्वपूर्ण विशेषताएं बढ़ावा मिला है, जो भारत जैसे उभरते बाजारों में फंड प्रवाह के लिए अच्छा संकेत है।

जहां बाजार इस सप्ताह के शुरू में दर्ज सर्वाधिक ऊंचे स्तरों से कुछ ही अंक दूर हैं, वहीं विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक तेल कीमतों और अन्य जिंसों में तेजी से निवेशकों की परेशानी बढऩी शुरू हो गई है।

कच्चा तेल नवंबर से 60 प्रतिशत चढ़ा है। इस सप्ताह यह 13 महीनों में पहली बार 61 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचा।

बोफा सिक्योरिटीज के इंडिया इक्विटी स्ट्रेटेजिस्ट अमीष शाह का कहना है, 'कच्चे तेल समेत बढ़ती जिंस कीमतें कॉरपोरेट आय और बाजारों के लिए सबसे बड़ा जोखिम हैं।' हालांकि अल्पावधि में तेल, अन्य जिंसों और बाजारों में समान गति बरकरार रहने की संभावना है, लेकिन इससे भविष्य में निवेशकों की चिंता बढ़ सकती है।

'कच्चे तेल की कीमत'

Petrol-Diesel Price: अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दामों की समीक्षा रोज तेल कंपनियों द्वारा की जाती है और इसके आधार पर नए दाम हर सुबह 6 बजे जारी होते हैं.

Business | Reported by: हिमांशु शेखर मिश्र, Edited by: अंजलि कर्मकार |बुधवार नवम्बर 2, 2022 04:08 PM IST

पिछले तीन महीनें में कच्चे तेल के दाम में भारी गिरावट देखने को मिली है. इस अवधि में कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल से घटकर 90 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. पिछले महीने भी OPEC ने कच्चे तेल के उत्पादन में कुछ कमी की थी. OPEC का मानना है कि वैश्विक आर्थिक स्थिति और कच्चे तेल के बाजार को देखते हुए यह फैसला लिया गया है.

अर्थशास्त्री वेद जैन कहते हैं कि 7 फ़ीसदी की खुदरा महंगाई दर आम आदमी के लिए काफी ज्यादा है. जुलाई में जब महंगाई दर नीचे आयी तो लगा कि सरकार ने जो कदम उठाये हैं वो कामयाब होंगे.

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